इश्क हुआ अब रिस्की

हाय नजर लग गई किसकी
कि इश्क हुआ अब रिस्की ।
दिनों दिन विश्वास टूटता
टूट रहे क्यों रिश्ते
मकड़ जाल में फंस जाते
भूल रहे फरिश्ते
सांसे अटक गई हो जिसकी
कि इश्क हुआ अब रिस्की ।
कोई प्यार को खेल समझता
कर देता नादानी
इस चक्कर में फंसकर भैया
होता पानी पानी
हाय आता है क्यों हिचकी
कि इश्क हुआ अब रिस्की।
बहुत कम ऐसे भी हैं जो
अपनों के साथ निभाते
आॅखों से दिल में आकर
ऐसे ही बस जाते
पेहचान करो नस नस की
कि इश्क हुआ अब रिस्की ।
मुॅह में राम बगल में छुरी
क्यों करते हैं ऐसे
मुसीबत सारी इसी में भैया
धन दौलत और पैसे
कस्ती ड़ूबे चाहे जिसकी
कि इश्क हुआ अब रिस्की ।
हीर और रांझे की जोड़ी
अब कहाॅ हैं दिखते
सच्चा प्यार अमर होता है
वो कहाॅ अब बिकते
हाय पी लेते गम के व्हीस्की
कि इश्क हुआ अब रिस्की ।

बी पी षर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

12 Comments

  1. babucm babucm 24/06/2016
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  5. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 24/06/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/06/2016
  7. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  8. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  9. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/06/2016
  10. chandramohan kisku chandramohan kisku 25/06/2016

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