क्या मुआवजा दे ?…….मनिंदर सिंह “मनी”

एकदम हर पल,
ठहर सा गया,
लगा वक्त,
कमा कहर सा गया,
कुछ भी नहीं बचा,
ना जज्बात, ना ख्वाब,
जिन्दा लाश कर,
मुझे कोई मार सा गया,
कलेजे का टुकड़ा मेरा,
रंगा खून के रंग में,
लड़ा बहुत जिंदगी की जंग,
पर हार सा गया,
लगता है जैसे कहेगा माँ भूख लगी है बहुत,
पर उसकी चुप,
मेरा सीना फाड़ सा गया,
कहता था,
मैँ बनूँगा सहारा तेरा,
दिलासा उसका,
मुझे ठंडा-ठार सा गया,
पर होनी को,
कुछ और ही मंजूर था,
बेबसी का दामन पकड़ा,
मुझे कर लाचार सा गया,
रफ़्तार के वो शौकीन है,
डूबे मद के प्यालो में,
उनका लज़्ज़त,
मेरे आँचल पर कर प्रहार सा गया,
पूछते है अब वो मुझसे,
क्या मुआवजा दे ?,
क्या मोल गरीब की ममता का?,
क्या कीमत नन्नी जान की ?
रुके नहीं अश्रु “मनी” की आँखों से,
लिखा हर हर्फ़ सवाल कर सा गया |

26 Comments

  1. babucm babucm 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  3. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  5. anoop mishra anoop mishra 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  7. अकिंत कुमार तिवारी 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  8. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  9. prateek singh 23/06/2016
    • mani mani 23/06/2016
  10. sarvajit singh sarvajit singh 23/06/2016
    • mani mani 24/06/2016
  11. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 24/06/2016
    • mani mani 24/06/2016

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