दुआ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दुआ

उसके कांधे पे सर रख के रोने का दिल करता है
उसके सीने पे सर रख के सोने का दिल करता है
उसके दिल की धड़कन बन के झूमने का दिल करता है
उसको अपनी बांहों में भर के चूमने का दिल करता है
दुआ है मेरी रब से तू अपना करम हम पे कर दे
मोहब्बत से खाली मेरी झोली तू अपनी रहमत से भर दे

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

12 Comments

    • sarvajit singh sarvajit singh 24/06/2016
  1. mani mani 24/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 24/06/2016
  2. babucm babucm 24/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 24/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 24/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 24/06/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/06/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 24/06/2016

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