कुछ कहती है ज़िन्दगी

जब साथ दे तो इनाम है ज़िन्दगी
जब नकार दे तो ऊपर वाले का पैगाम है ज़िन्दगी
सब कहते ह ज़िन्दगी दस्तक है बहुत सी मुसीबतों की
हम कहते हैं मुसीबतों का नाम है ज़िन्दगी …………
मुट्ठी भर हाथ मे लेने से फिसल जाती वो रेत है
खूब मेहनत करने पर भी जो फसल न दे वो खेत है
यह आग ही नहीं ज्वाला लपटों के समेत है …..
ज़िन्दगी वो दरिया है जिसे तैरकर पार नहीं किया जा सकता
ज़िन्दगी वो कहानी है जिसका सार नहीं किया जा सकता
ज़िन्दगी वो किताब है जो पढ़कर भी अनपढ़ी है
ज़िन्दगी वो अधुरा कलश है जो ऊपर वाले ने गढ़ी है……
ज़िन्दगी वो पेड़ है जिसमे लताओं का रुझान है
ज़िन्दगी तो जीवित है पर इंसानियत का समशान है …….
हमेशा चूक जाने वाली तीर है ज़िन्दगी
कभि भरपूर तो कभि फ़कीर है ज़िन्दगी …….
जो अपनों से होती वो तकरार है ज़िन्दगी
बेहद नकली और झूटा प्यार है ज़िन्दगी
आपके और सुख के बीच की दीवार है ज़िन्दगी
पास से देखो तो थोड़ी शर्मशार है ज़िन्दगी………..
बादलों के पर्दों से झांकती बूंदों की शर्म है ज़िन्दगी
जो जान देकर चुकाना पड़े वो कर्म है ज़िन्दगी
लहू सी तेज़ और आग सी गर्म है ज़िन्दगी
पापियों का पुण्य और अधर्मियों का धर्म है ज़िन्दगी …..
दर्द में बच्चों के मुख से निकलती चीख है ज़िन्दगी
ऊपर वाले ने जो खैरात में दिया वो भीख है ज़िन्दगी ……
लहरों में जो गोते खाती वो कश्ति है ज़िन्दगी
सबकी ठोकर हसकर सहने वाली धरती है ज़िन्दगी
कभि दुःख से डरती तो कभि गिरती है जिंदगी
पर फिर भी न जाने क्यूँ हर वक़्त लडती है ज़िन्दगी
लाख दुखों के बावजूद हमपर हसति है ज़िन्दगी
शायद हमसे कुछ कहती है ज़िन्दगी ……../

12 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/06/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/06/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/06/2016
  2. mani mani 22/06/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/06/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/06/2016
  4. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 22/06/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/06/2016
  5. C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  6. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 04/08/2016

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