मोहब्बत……सी.एम. शर्मा (बब्बू)…

रोशनाई कागज़ की होती तो मिटा भी देते….
दिल पे लिखा है जो तुमने उसे मिटायें कैसे….

रुक रुक के तेरे क़दमों पे सजदा करते रहे हैं हम…
अब ये सर अपना कहीं और झुकाएं कैसे…

पूछते हैं लोग मुझसे जो मोहब्बत का हश्र …..
प्यार हुआ कैसे…मिटे कैसे…ये बताएं कैसे….

खौफ समंदर को भी है अपना जो कश्ती मेरी डूबने नहीं देता…
गर मैं डूबा तो मेरे जिगर की आग से खुद को बचाए कैसे….

ग़मगीन नहीं मैं…न सोगवार ही हूँ अपना….
जो था नहीं मेरा उसका शोक मनाएं कैसे….

दिल जलता है…जिस्म राख हुआ जाता है “बब्बू”…
नस नस से निकलते धुएं से खुद को बचाएँ कैसे….
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/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

28 Comments

    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
      • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/06/2016
        • C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  3. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  4. ALKA प्रियंका 'अलका' 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  5. Inder Bhole Nath Inder Bhole Nath 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  8. mani mani 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  9. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  10. anoop mishra anoop mishra 22/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 23/06/2016
  11. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 24/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 24/06/2016

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