यादों के पल

मंैने तुमको प्यार किया था
तन्हा तन्हा याद किया था।
वो यादें अब सब भूलें कैसे
उनके ही लव छूलें कैसे ।
ये बंधन ये कैसा रिष्ता
मारा फिरता क्यों फरिस्ता।
मैंने बस इतना किया था
अपने रब को याद किया था।
दीये का बाती जलके हमने
रात गुजारे कल के हमने।
जाना कुछ समझ भी आया
आॅंखों के आॅसू दिल में पाया।
मैंने अपना दिल दे दिया था
सुख के बदले दर्द लिया था।
जिंदगी की बाजी हमनें लगाई
हार गये अब मुॅह की खाई।
ड़र लगता है क्यों ठगता है
प्यार है सच्चा या झूठा है।
ऐसा क्या कर दिया था मैंने
दिल देकर दिल ही लिया था।
मैंने तुमको प्यार किया था
प्यार मे कितना याद किया था।

बी पी षर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack, Barh RS Patna (Bihar)
P/C 803214

6 Comments

  1. babucm babucm 22/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/06/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016

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