यादें

उनके यादों में जागता रहा रात भर
हम तो करवत बदलते रहे रात भर।

क्या यही प्यार है हम तड़पते रहे
आग में प्यार के उनके जलते रहे।
ख्वाब उनका ही देखते रहे रात भर
उनके यादों में जागते रहे रात भर।।

नज़रेें चल गयी क्या अब उस तरफ
दिल नाजुक बना क्यों है इस तरफ।
इष्क समझते और जानते रहे रात भर
उनके यादों में भागते रहे रात भर।।

दिल अपना दिवाना हुआ इस कदर
ठोकरें खाता रहा मैं क्यों दर.बदर।
क्या है जिंदगी समझते रहे रात भर
उनके इरादों को जानते रहे रात भर।।

प्रेम सच्चा था मेरा जो सच भी हुआ
रास आ ही गई मेरे ईष्वर की दुआ।
सर से घूॅघट ही हटाते रहे रात भर
उनके यादों में जागते रहे रात भर।।

बी पी षर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963 Shivpuri Jamuni chack ,Barh RS Patna (Bihar) P/c 803214

8 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/06/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016
  6. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 24/06/2016

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