कसम – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

कसम

दिल ने खाई है कसम उन्हें पाने की ………………..
पर वो हैं के चेहरे पे नज़र टिकने ही नहीं देते
अब कैसे होगा अपना ये मिलन ………………………
इस बात को तो मोहब्बत का खुदा ही जानें

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

14 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 22/06/2016
  2. mani mani 22/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 22/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 22/06/2016
  4. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 22/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 22/06/2016
  5. babucm babucm 23/06/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 23/06/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 24/06/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 24/06/2016

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