लिखे कुछ शब्द…………मनिंदर सिंह “मनी”

लिखे कुछ शब्द, लोगो ने वाह-वाह कर दी,
लेखन की रूचि मेरी और भी प्रबल कर दी,
कुछ इश्क के, कुछ विरहो के, कुछ शैशव के,
कुछ समस्याओं ने, लेखनी मेरी सबल कर दी,
मिला इसी बीच हिंदी साहित्य साइट का मंच,
कुछ कर गुजरने की चाहत और भी सशक्त कर दी,
पढ़ा, समझा जब मैंने विद्वानों की रचनाओं को, भावनाओ को,
मेंढक की तरह था मैँ, जिसने उम्र तालाब में बसर कर दी,
सीखना बहुत कुछ है बाकी, बिना दंभ किये,
रुकना नहीं, झुकना नहीं, ठहरना नहीं,
नयी उमंगो की सुबह लिए कलम कागज़ की तरफ कर दी |

21 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/06/2016
    • mani mani 21/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 21/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
  4. ALKA प्रियंका 'अलका' 21/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
  5. अकिंत कुमार तिवारी 21/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 21/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
  7. C.M. Sharma babucm 22/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
  8. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 22/06/2016
    • mani mani 22/06/2016
    • mani mani 22/06/2016

Leave a Reply