हरियाली

हरियाली

वायु में मंद-मंद सुगन्ध
और हल्की सी शीतलता
क्यारी चारों तरफ फूलों की
तन में छाई मादकता ।
हरियाली छाई है भरपूर
हवा ने बांधा अपना सुरूर
लहराने लगी खेती ये
और प्यारी है सादकता ।
क्यारी चारों तरफ फूलों की
तन में छाई मादकता ।
मखमल सा कोमल स्पर्श
देख मन में होता है हर्ष
प्यारा लगता है सबकुछ तब
साथी हो जब सादत का ।
क्यारी चारों तरफ फूलों की
तन में छाई मादकता ।
आज दिवाने दिल मिल जायें
निर्जीव तन में प्राण आ जायें
ऐसा सोचता है ये मन
करूं क्या इसकी आदत का ।
क्यारी चारों तरफ फूलों की
तन में छाई मादकता ।

2 Comments

  1. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 21/06/2016
  2. chandramohan kisku chandramohan kisku 23/06/2016

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