स्वभाव……..सी.एम. शर्मा (बब्बू)…..

एक अदना सा पत्थर रास्ते में पड़ा हुआ….
ठोकरों से इधर लुढ़का कभी उधर लुढ़का…
जानवर हो या इंसान…
सब के पाँव तले दबला कुचला गया….
मल से कभी किसी की गाली से वो धुलता रहा…
निदा पत्थरों की बन गयी….“निदा” की निदा…
जब उसने अपनी कलम से लिखा…
“पत्थरों में भी जुबां होती है दिल होते हैं….
अपने घर के दर-ओ-दीवार सजा कर देखो”…
एक दिन एक मस्त निगाह ने उसको छू लिया…
कोमल मखमली स्पर्श ने इसको सहला दिया…
अपने साथ ले गया वो इसको उठा के….
दिन बदल गए उस पत्थर के नाज़ुक स्पर्श पा के….
रोज़ रोज़ के अहसास से उस में भाव जागे…
कभी इधर तो कभी उधर मटकने लगा….
बहुत रोका उसको पर वो न रुका…
पत्थर तो आखिर पत्थर है…
कितना रोको तुमको कुछ फर्क नहीं पड़ता…
यह कहके एक दिन उन्हीं हाथों ने उसको फेंक दिया….
वो रास्ते में पड़ा हुआ किस्मत को देखता है….
कल था यहाँ पड़ा आज भी वहीँ है….
लगती थी ठोकर जो पहले…वो आज भी सही है….
फर्क मगर यह की अब दर्द महसूस होता है….
पत्थर को तराशने में..अपने हाथ भी छिलेंगे …
यह सब जानते हैं…फिर भी…
पत्थर तो आखिर पत्थर है…
उस शायर का कलाम गुम सा हो गया…
लो “बब्बू” फिर से…बेजान हो गया…!!
\
/सी.एम. शर्मा (बब्बू)…..

निदा – पुकार
“निदा” – मशहूर शायर आदरणीय श्री निदा फ़ाज़ली साहब
और उनकी ग़ज़ल का एक शेर

22 Comments

    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  1. Kajalsoni 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  3. आदित्‍य 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  6. ALKA प्रियंका 'अलका' 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  7. Inder Bhole Nath Inder Bhole Nath 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  8. mani mani 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  9. sarvajit singh sarvajit singh 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016
  10. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 21/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 22/06/2016

Leave a Reply