कुछ हम भी कर ले – अनु महेश्वरी

बहुत शिकायतें कर ली हम ने ,
अब समय कुछ करने का।
औरो में गलतियाँ देखने से पहले ,
अपने अंदर की कमियाँ देखने का।

अपना नज़रिया हम बदले ,
हंसना सीखे हंसाना सींखे।
निर्भर नहीं रहना अब,
अपना भी योगदान देना अब।

करोड़ों हाथ जब उठेंगे,
कोई न हमे रोक पाएगा,
भारत को श्रेष्ठ बनाने में
जब पूरा भारत जुट जाएगा

समय आगया अब,
खुद को बदलनेका।
अपना अपना योगदान देकर,
देश के काम आने का।

‘अनु माहेश्वरी ‘
चेन्नई

5 Comments

  1. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 22/06/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 22/06/2016
  3. chandramohan kisku chandramohan kisku 23/06/2016
  4. C.M. Sharma babucm 23/06/2016

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