सैनिक

प्रिय करो सोलह श्रृंगार मुझे सरहद पर जाना है,
तेरी मांग के सिन्दूर से माँ का आँचल सजाना है । प्रिय करो…..।
तिलक लगाकर विदा करो, शंखनाद करो रण का,
गद्दार पडोसी के चंगुल से माँ का दामन छुड़ाना है। प्रिय करो…..।
माँ दुर्गे की शक्ति दे दो, काली की विकरालता,
दुश्मन कोई बच न पाये ऐसा कोहराम मचाना है । प्रिय करो…..।
इंतज़ार नहीं करना, न करना मेरे मरने का गम,
शहीदों के शवों पर तुम्हे रोना नहीं मुस्कुराना है । प्रिय करो…..।
चेहरे पर हो तेज तुम्हारे, भावना में हो बलिदान,
नई पीढ़ी में तुमको फिर ऐसा ही जोश जगाना है । प्रिय करो…..।
खुदीराम, राजगुरु या भगत सिंह नहीं मरते हैं,
मुझे भी तेरी माँग को अपने लहू से अमर बनाना है । प्रिय करो…..।

विजय कुमार सिंह
vijaykumarsinghblog.wordpress.com

18 Comments

  1. mani mani 21/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/06/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/06/2016
  4. babucm babucm 21/06/2016
  5. Kajalsoni 21/06/2016
  6. Inder Bhole Nath Inder Bhole Nath 21/06/2016
  7. ALKA प्रियंका 'अलका' 21/06/2016
  8. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 22/06/2016

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