गजल

कह दो उनसे कि, हमारी गलियों से न गुजरा करें वो । हर शख्स की शख्सियत से न, वाकिफ हुआ करें वो । कहीं बदनाम न हो जाएं मेरे अजीज दोस्त कह दो उनसे कि, उनकी नजरों से नजरें न मिलाया करें वो । सजदे महफिल में रुसवा करने की जरूरत नहीं । कह दो उनसे कि, अपनी पलकों को यूँ ही न उठाया करें वो । -आनन्द कुमार

5 Comments

  1. Bimla Dhillon 20/06/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 20/06/2016
    • आनन्द कुमार ANAND KUMAR 21/06/2016
  3. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 21/06/2016
  4. babucm babucm 21/06/2016

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