यादो के कुछ पन्नो

में पुराने यादो के कुछ पन्नो को , आँखे मीचे जब याद करूं
दिल ही दिल में गुज़ारे लम्हों को , फिर से जीने की आस करूं
कुछ खुशनुमा थे हालात मेरे , जब यारो की नगरी थी ……….
कुछ गीली सुखी यादें थी , और बड़े ज़ोर की बारिश थी …….
में उन गुज़री बारिश में , भीग जाने की चाह करूं
में उन गिरती बूँदों से, खुद ही खुद को आबाद करूं …

में पुराने यादो के कुछ पन्नो को , आँखे मीचे जब याद करूं

जब डर के एहसास से ही , आँखे छलका करती थी
उन गहरी रातो में जब , बिजली सी कौंधा करती थी
अब न तो ऐसे हालात मेरे , और न ही है जज़्बात मेरे
छुप जाऊं उन यारो के संग , एक छोटी सी चादर में
फिर वही खिंचा तानी में , गुंसो मुक्को की बारिश में
में रूठ जाऊं मेरे यारो , और तुम मुझको मनाने आओ

में पुराने यादो के कुछ पन्नो को , आँखे मीचे जब याद करूं

अब तो बस में सोच रही , तुम से मिलने का प्लान करूँ
पर फिर से इस भगम दौड़ी में , में खुद को कुर्बान करूं
तुम आपनो से भी बढ़कर थे , मीठी मीठी बूँदी जैसे …
हर एक में भरा रस अमृत था , छूकर जिसका में पान करूं
तुम भी खो गए इस जीवन में , जीवन की दुनियादारी में
बस तुम सब की यादें है , मेरे हिर्दय की इस फुलवारी में

में पुराने यादो के कुछ पन्नो को , आँखे मीचे जब याद करूं

19 Comments

    • tamanna tamanna 20/06/2016
  1. mani mani 20/06/2016
    • tamanna tamanna 20/06/2016
    • tamanna tamanna 20/06/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 20/06/2016
    • tamanna tamanna 20/06/2016
  3. C.M. Sharma babucm 20/06/2016
    • tamanna tamanna 20/06/2016
  4. अकिंत कुमार तिवारी 20/06/2016
    • tamanna tamanna 20/06/2016
  5. Bimla Dhillon 20/06/2016
    • tamanna tamanna 21/06/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/06/2016
    • tamanna tamanna 21/06/2016
  7. Kajalsoni 21/06/2016
    • tamanna tamanna 21/06/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/06/2016

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