वादें

खाव्‍बों को तू कुछ यु हसीन कर जा
जो में ना कह सकु वो तू कह जा

तेरे जनाजें में , मे ना रोया
होंश अभी तक मैंने ना खोया

वक्‍त ने कैसी करवट हैं ली….
दिल ने जैसे धंडकन को रोंक ली

कुछ तो वादें ,तू भी निभादे..
जहाँ हैं तू वहाँ मुझे भी बूलाले

:-अभिषेक शर्मा

25 Comments

  1. mani mani 20/06/2016
  2. आदित्‍य 20/06/2016
  3. C.M. Sharma babucm 20/06/2016
  4. Kajalsoni 20/06/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/06/2016
  6. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 20/06/2016
  7. अकिंत कुमार तिवारी 20/06/2016
  8. अकिंत कुमार तिवारी 20/06/2016
  9. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 20/06/2016
  10. sarvajit singh sarvajit singh 20/06/2016
  11. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/06/2016
  12. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/06/2016

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