मुस्कान खो गयी

मोहब्बत में जिंदगी इम्तिहान हो गयी,
कहीं मन खो गया, कहीं मुस्कान खो गयी ।
वादे तो हमारे बीच जन्मों-जन्मों के थे ,
क्यूँ दूरी हमारे प्यार के दरम्यान हो गयी ।
आज भी नजरें करती हैं तेरे आने का इन्तजार,
तेरे न आने से मोहब्बत बदनाम हो गयी ।
भूलना मुमकिन नहीं है मेरे प्यार को मगर,
तेरी ख़ामोशी से जिंदगी बेनाम हो गयी ।

विजय कुमार सिंह

22 Comments

  1. mani mani 20/06/2016
  2. आदित्‍य 20/06/2016
  3. C.M. Sharma babucm 20/06/2016
  4. Richa Yadav richa 20/06/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 20/06/2016
  6. शुभम शर्मा 20/06/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/06/2016
  8. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 20/06/2016
  9. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/06/2016
  10. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/06/2016

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