गजल

गजल

अपनी पनाह में हमे भी तो रख लेना
हम आ गये दर पे हमें भी लख लेना ।

विष्वास है बहुत भरोसा भी कम नहीं
एक झलक में हमें भी तो परख लेना ।

लडखड़ा गये थे हम अब संहल जायेंगे
अपनी नजरों में मुझे भी तो भर लेना ।

दुनिया देखे बहुत तुमसे न कोई बड़ा
चरण में आ गये मेरे दुख तो हर लेना ।

साथी तुम्हीं मेरे जीवन का सहारा भी
बन जायें दास तुम्हारा ऐसा कर देना ।

कर्म बने अच्छे सत्य विचार देना मुझे
विनती यही तुम मेरी लाज रख लेना ।
बी षर्मा बिन्दु

Writer :- Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth :- 10.10.1963

8 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 20/06/2016
  2. mani mani 20/06/2016
  3. C.M. Sharma babucm 20/06/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 20/06/2016
    • C.M. Sharma babucm 20/06/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 20/06/2016

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