दवाखाने में क्यूँ छोड़ा जरा चलते तो मैखाने

“बुरा क्या था अगर इस दर्द के मै साथ में दिलबर…
 तुम्हारी याद भी चलकर मिटा लेता अगर थोड़ी… 
 दवाखाने में क्यूँ छोड़ा जरा चलते तो मैखाने…
 दवा के साथ में दारू चड़ा लेता बशर थोड़ी…”
-सोनित

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/06/2016
    • sonit 21/06/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/06/2016
  3. sonit 21/06/2016

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