फितरत……….

इस ज़माने में लोगो कि फितरत की बात क्या कीजे,
जो मतलब से बदले मुखड़े उनकी बात क्या कीजे
जिनकी आँखों पर पड़ा हो अंधकार रूप का पर्दा,
रोशन ह्रदय करने में भला चाँद रात भी क्या कीजे ।।



डी. के. निवातियाँ

20 Comments

  1. अकिंत कुमार तिवारी 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
  2. mani mani 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
  4. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
  5. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
  6. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 19/06/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
  8. Kajalsoni 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/06/2016
  9. sarvajit singh sarvajit singh 19/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/06/2016

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