“हमसफर”

जिदंगी की सरहदो पर अब गुजारा नही होता,
बिन तेरे मौसम मे भी नजारा नही होता ।
बड़ी खुबसूरत सी लगती है जिदंगी इक हमसफर के साथ,
बिन हमसफर तो कश्ती का कोई किनारा नही होता ।
बेगाने से लगते है सभी चाहतो की भीड़ मे ,
रह जाते सिर्फ हम है , कोई हमारा नही होता । ।

काजल सोनी

15 Comments

  1. mani mani 20/06/2016
  2. Kajalsoni 20/06/2016
  3. C.M. Sharma babucm 20/06/2016
  4. Kajalsoni 20/06/2016
  5. Kajalsoni 20/06/2016
  6. Kajalsoni 20/06/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/06/2016
  8. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/06/2016
  9. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/06/2016
  10. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/06/2016
  11. Kajalsoni 21/06/2016
  12. Kajalsoni 21/06/2016
  13. Kajalsoni 21/06/2016

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