प्रेम का भौतिक आधार_अरुण कु. तिवारी

‘प्रेम का भौतिक आधार’
_अरुण कुमार तिवारी

मैं विचारता हूँ कभी-कभी।
प्रेम का भौतिक आधार!

नेह में,देह में ,छन्द में ,द्वन्द में,
आस में ,साँस में ,हास में ,क्रंद में|
उसका मौलिक आकार,
प्रेम का भौतिक आधार!

मैं विचारता हूँ कभी-कभी।

चाम में,काम में, दाम में ,नाम में,
अक्स में ,शक्स में ,वक्त में, शाम में|
मिलन का क्षैतिज व्यवहार|
प्रेम का भौतिक आधार!

मैं विचारता हूँ कभी-कभी|

क्रोध में, लोभ में ,शोध में ,बोध में,
अंस में, दंस में, अंक में, रोध में|
वासना का नैतिक आचार|
प्रेम का भौतिक आधार!

मैं विचारता हूँ कभी-कभी।

होश में ,जोश में ,तोष में ,कोष में!
मंच में ,वंच में ,पञ्च में (पांचो तत्वों में),पोष में,
सृष्टि का दैहिक आकार,
प्रेम का भौतिक आधार!

मैं विचारता हूँ कभी-कभी|
मैं विचारता हूँ कभी-कभी|

-‘अरुण’
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8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/06/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 19/06/2016
  3. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 19/06/2016
  4. अकिंत कुमार तिवारी 19/06/2016
  5. mani mani 19/06/2016
  6. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 19/06/2016
  7. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 19/06/2016

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