एक उम्मीद

एक उम्मीद, एक आस आज भी है
तुम्हारे होने का एहसास आज भी है

तेरी दो पल मोहब्बत मे यूँ तबाह हुऐ
कि मन मेरा वद-हवाश आज भी है

लम्हों की उम्मीद मे सदियाँ ठुकरा दी
पर इस दिल में काश आज भी है

सिलसिला नजरों से पीने का रूका
मैयखाने मे ये रिवाज आज भी है

कहें कितना अभी इंतिजार बाकि है
बस एक उम्मीद,एक आस आज भी है

7 Comments

  1. Kishore kumar malviya 18/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/06/2016
  3. babucm C.m.sharma(babbu) 18/06/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/06/2016
  5. Nirdesh Kudeshiya 19/06/2016

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