सफल जीवन – अनु महेश्वरी

गम और खुशी एक सिक्के के दो पहलू है।
गम में दुखी ना होना,
सुख में ना इतराना।
अपनो की महफ़िल में बैठ ,
सुख -दुःख बांट लेना।
रूठना मनाना चलता रहेगा ,
हर पल हँस के बिताना।

‘अनु माहेश्वरी ‘
चेन्नई

6 Comments

  1. mani mani 21/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/06/2016
  3. babucm babucm 21/06/2016
  4. Kajalsoni 21/06/2016

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