पहचान

पहचान

रूखा चेहरा
अतृप्त आंखें
सूखे होंठ
बहती नासें
यही तो
जुकाम की
पहचान है ।
तन में जलन
वैसे कंपन
रजाई में गर्मी
धूप में सिरहन
यही तो
मलेरिया की
पहचान है ।
हर जगह अंधियारा
दिन में तारे टूटना
मन का घबराना
पेड़ों का घुमना
यही तो चक्करों की
पहचान है ।
जी का मिचलाना
पेट में गुदगुदाना
पानी से डर जाना
कुछ भी न भाना
यही तो उल्टी की
पहचान है ।

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  1. babucm babucm 17/06/2016

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