वर्षा का स्वागत

वर्षा का स्वागत

पेड़ों ने कलियां-फू ल बिखेर दिए
बरसात का स्वागत करने के लिए ।
कलियां खिली खोह खोल पंखुरी
मेघों में चम-चम चमकी बिजुरी
मन हर्षित तन कंपित सभी हुए ।
पेड़ों ने कलियां-फू ल बिखेर दिए
बरसात का स्वागत करने के लिए ।
नयन मुंदे पेड़ों की सभी कोंपले
बयार के संग-संग हिलें-डुले
पंछी सारे नभ में चहकने लगे ।
पेड़ों ने कलियां-फू ल बिखेर दिए
बरसात का स्वागत करने के लिए ।
वर्षा की शीतल ठंडी हिलोरें
रोंगटें खड़े कर तन झकझोरें
नंगे पांव ही हम निकल पड़े ।
पेड़ों ने कलियां-फू ल बिखेर दिए
बरसात का स्वागत करने के लिए ।

One Response

  1. C.M. Sharma babucm 17/06/2016

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