इंतज़ार…….सी.एम.शर्मा (बब्बू)

रवायत दुनियां की बदलने निकला था मैं…
पहचान अपनी का भी मोहताज हो गया हूँ मैं…

घर पे नाम लिखा है मेरा अब भी….
रूह से लेकिन नदारद हो गया हूँ मैं….

ज़िन्दगी ढो रही मुझे या मैं ढो रहा इसे…
अपने ही शरीर में दफ़न सा हो गया हूँ मैं…

है उम्मीद कि बरसेंगे बादल सहरा में भी “बब्बू”….
बेशक इंतज़ार में उसके अब थक गया हूँ मैं…
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/सी.एम.शर्मा (बब्बू)

20 Comments

  1. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 16/06/2016
  2. babucm babucm 16/06/2016
    • babucm babucm 16/06/2016
  3. mani mani 16/06/2016
    • babucm babucm 16/06/2016
  4. विजय कुमार सिंह 16/06/2016
    • babucm babucm 16/06/2016
  5. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 16/06/2016
    • babucm babucm 16/06/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/06/2016
    • babucm babucm 16/06/2016
  7. आदित्‍य 16/06/2016
    • babucm babucm 16/06/2016
  8. sarvajit singh sarvajit singh 16/06/2016
    • babucm babucm 16/06/2016
  9. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 17/06/2016
    • babucm babucm 17/06/2016
  10. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 17/06/2016
    • babucm babucm 17/06/2016

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