बेजुबाँ ख़्वाहिश ।

बेजुबाँ ख़्वाहिशों के सन्नाटे से, उम्मीद मांगी मैंने,
बेक़रारी के शोरोगुल ने कहा, अबे चल,भाग यहाँ से..!

बेजुबाँ = अव्यक्त;
ख़्वाहिश = ईच्छा;
सन्नाटा = ख़ामोशी;
उम्मीद = आशा;
बेक़रारी = हड़बड़ी;
शोरोगुल = कोलाहल;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः १५ जून २०१६.
http://mktvfilms.blogspot.in

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10 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 16/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/06/2016
    • Markand Dave Markand Dave 17/06/2016
  3. आदित्‍य 16/06/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 17/06/2016
    • Markand Dave Markand Dave 17/06/2016
  5. mani mani 17/06/2016

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