भले तू नहीं माँ..-अरुण कुमार तिवारी

‘माँ तेरे पावन रज कण को समर्पित..
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भले तू नहीं माँ ,ये तेरी कहानी,
वो सोने के रंग की ,तु परियों की रानी|

वो ममता के आँचल का, फटता सा कोना,
वोे गलते से जलते ,बिछौनों में सोना।
वो खुशबू लुटाती, लगे घी की रोटी,
उमर बढ़ चली वो, हुई बात छोटी।
न छोटी हुई तू ,ना तेरी निशानी।

भले तू नहीं माँ ,ये तेरी कहानी।
वो सोने के रंग की, तु परियों की रानी।

वो ममता की चोटी, वो टीका वो काजल,
दो नयनो के नभ् से ,बरसते वो बादल।
वो थपकी की थापें ,वो माथे का चुम्बन,
उनींदे महल में वो ,लोरी की गुंजन।
तू ममता की गागर में ,चन्दन का पानी।

भले तू नहीं माँ ये तेरी कहानी,
वो सोने के रंग की, तु परियों की रानी।

तेरा श्याम रूठे, यशोदा मनाती,
ये जीवन जो रौशन, जली तू ही बाती।
अनेको सितारे ,भले नभ् में चमके,
तेरी चांदनी स्निग्ध शीतल सीे दमके।
ये हर साँस तेरी , तेरी ज़िन्दगानी,

भले तू नहीं माँ ये तेरी कहानी,
वो सोने के रंग की,तु परियों की रानी।

अगर फिर जनम हो ,अगर हो ये फेरा,
बने तू यशोदा ,मैं कान्हा हो तेरा|
तू दर्पण बने मैं ,छवि बन रिझाऊँ,
अनेको जनम ,नेह तेरा ही पाऊँ ।
तेरी नव्य काया ,तू मूरत पुरानी,

भले तू नहीं माँ ,ये तेरी कहानी,
वो सोने के रंग की ,तु परियों की रानी।

-‘अरुण’
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15 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/06/2016
  2. Manjusha Manjusha 16/06/2016
  3. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 16/06/2016
  4. C.M. Sharma babucm 16/06/2016
    • अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 16/06/2016
  5. mani mani 16/06/2016
    • अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 16/06/2016
  6. विजय कुमार सिंह 16/06/2016
    • अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 16/06/2016
  7. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 16/06/2016
  8. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/06/2016
    • अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 16/06/2016
  9. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 17/06/2016
  10. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 17/06/2016

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