पहली बारिश

पहली बारिश

आज पहली बारिश से
लगता है कुछ ऐसे
प्रभु ने आज फिर से
पुनर्जन्म किया हो जैसे ।
सडक़े लगती धुली-धुली-सी
राहें लगती हैं नई-नई-सी
आकाश नीला साफ कांच-सा
दिशाएं सारी खुली-खुली-सी
ठंडी पुरवाई चलने लगी हैं ।
ठंडी बूंदें लाई इसे ।
प्रभु ने आज फिर से
पुनर्जन्म किया हो जैसे ।
तारों में फि र भर गया जोश
सूर्यदेव ने संभाला होंश
आंखों को रोशनी देने वाली
घास पर फै ली ठंडी ओंस
साफ स्वच्छ सुन्दर होकर
कोमल पत्ते निकाले पेड़ों ने ।
प्रभु ने आज फि र से
पुनर्जन्म किया हो जैसे ।
आसमान में फै ला प्रदूषण
आज नही छोड़ा एक कण
गिरा कर मोटी-मोटी बूंद-सी
धोने में न लिया एक क्षण
सरोबार किया इस धरती को
देकर अनूठा तोहफा मेघों ने ।
प्रभु ने आज फि र से
पुनर्जन्म किया हो जैसे ।

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