नजरे इनायत……….

लोग सर झुकाते है सजदे में
और दिल में दगाबाजी रखते है !
उन बेईमानी सजदो से
उनसे कब खुदा राजी रहते है !!
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शैतानो की हरकत पर
ख़ुदा हर वक़्त अपनी नजर रखते है !
कर इंतज़ार सही वक़्त का,
अपने सितम से उनकी झोली भरते है !!
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नेक नियत से जो चलते
जीवन में सदा सफलता की सीढ़ी चढ़ते है
रखते है जो पाक दामन
खुदा भी उन पर नजरे इनायत बख्शते है !!
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डी. के. निवातियाँ ____________@

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/06/2016
  2. Shyam Shyam tiwari 15/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/06/2016
  3. babucm babucm 15/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/06/2016
  4. विजय कुमार सिंह 15/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/06/2016
  5. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 15/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/06/2016

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