दोस्ती

तुम बदलो अपना इरादा न सोचो मन में ज्यादा
थोड़ी दोस्ती कर लो थोड़ा प्यार करना सीखो ।

जीवन को रखना सादा और निभाना अपना वादा
थोड़ी दोस्ती कर लो ।

यहाॅ कितनें हैं मस्ताने यहाॅ कितने दोस्त दिवाने
थोड़ी दोस्ती कर लो ।

चलना तुम संहल संहल के तुम हीरो बनोगे कल के
थोड़ी दोस्ती कर लो ।

मन में का भ्रम मिटाओ दुष्मन को गले लगाओ
थोड़ी दोस्ती कर लो ।

अंजान अगर हो कोई मेहमान अगर हो कोई
थोड़ी दोस्ती कर लो ।

भिखारी हो चाहे राजा मन रखना हरदम ताजा
थोड़ी दोस्ती कर लो थोड़ा प्यार करना सीखो ।

बी पी षर्मा ; बिन्दु

Writer – Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)

Leave a Reply