राजभाषा

राजभाषा

मेरे दामन में तुमने
ढेरों खुशियां डाल दी
मगर जब मैं लगी होने बूढ़ी
तुमने ही मेरी दुनिया उजाड़ दी ।
मुझे बनाया तुमने ही राजमाता
देकर इतना बड़ा ये दर्जा
भारत जब स्वतंत्र हुआ
मेरा वजूद पूरे भारत में था ।
सभी कार्य मुझमें होते थे
मगर आज फि र जैसे
देश में मिटा मेरा नामोंनिशान
माना पूर्वी देशों में
आज भी अंग्रेजी ही है ।
विदेशों से संबंध बनाने के लिए
अंग्रेजी को ही रखना
मगर मेरा अपने देश में तो
उतना वजूद ही रहने दो
जितना कि सागर में पानी,
जितना कि सीप में मोती
जितना कि तन पे धोती,
जितना कि भूखे को रोटी

2 Comments

  1. विजय कुमार सिंह 13/06/2016
  2. C.M. Sharma babucm 14/06/2016

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