तारा दिखे

उसको देखा लगा झटका तो दिन में तारा दिखे
बात बनके मेरा अटका तो दिन में तारा दिखे ।
हमनें देखा बहुत ही अचंभा
मल्लिका षेरावत परी जैसी रंभा
हमने देखे बहुत ही घोटाले
तिजोरी खाली पर बंद उनके ताले
उनको पकड़ो मारो पटका तो दिन में तारा दिखे
बात बनके मेरा अटका तो दिन में तारा दिखे ।
हमनें षासन प्रषासन भी देखे
हमनें नेता के भाशण भी देखे
हमनें देखे बहुत ही लुटेरे
आॅखें बंद डब्बा गायब तेरे
इनको लगाओ ऐसा फटका तो दिन में तारा दिखे
बात बनके मेरा अटका तो दिन में तारा दिखे ।
बहुत भटके हो अब मत भटकना
धरम इमान से अपने न हटना
कर्म अपना तुम करना संहल के
बनोगे हीरो तुम ही तो कल के
मन तेरा अगर भटका तो दिन में तारा दिखे
बात बनके मेरा अटका तो दिन में तारा दिखे ।
बी पी षर्मा ; बिन्दु

Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)

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  1. विजय कुमार सिंह 13/06/2016

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