जब प्रेमी प्रीत निभाते है – शिशिर मधुकर

खाली रत्नों का मोल हो जो भी उनको अँधेरे मिलते हैं
केवल बिकने की खातिर ही वो सब बाहर निकलते हैं
सोने चाँदी के गहनों में जड़ कर ही वो सुन्दरता पाते हैं
कुदरत खुशियाँ बरसाती है जब साथी प्रीत निभाते है

शिशिर मधुकर

12 Comments

    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/06/2016
  1. C.M. Sharma babucm 13/06/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/06/2016
  2. सुशील कुमार शर्मा सुशील कुमार शर्मा 13/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/06/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/06/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/06/2016
  6. विजय कुमार सिंह 13/06/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/06/2016
  7. mani mani 13/06/2016
  8. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/06/2016

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