मन्नू : चतुर्थ अंक

गुरुजी ने प्रश्न दिए एक दिवा
मासिक परीक्षा ये थी
प्रश्न गणित के १० थे उसमे
कठिन समीक्षा ये थी

सारे उत्तर गलत हुए और
०/१० आये नंबर
इतना डर अब १० डंडो का
भरा तारो से अम्बर

गुस्से मे गुरूजी ने लिख डाला
नंबर ज़ीरो बट्टा जीरो
फिर पूछा, कितने नंबर आये
क्यों भाई हीरो

झट से मन्नू का उत्तर आया
“गुरूजी पुरे मे से पुरे”
कॉपी देखकर उसकी गुरूजी
मुस्कुरा दिए अधूरे

कमसे कम हर-अंश समझ मे आया
भाग का ये मूल तो समझ पाया
जा तेरी चतुराई से आज तूने
१० डंडो का कन्सेशन पाया

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