किस्सा फिर वही पुराना………………

नया नया था अपना याराना,
हुआ बहुत पुराना सा लगता है
कल तक जताते थे वो अपनापन
आज बीता जमाना सा लगता है
इतनी जल्दी दिल भर जाएंगे
सोचा न था ………………….!
मगर क्या कहे……………….!
ये किस्सा फिर वही पुराना लगता है !!
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डी. के. निवातियाँ __________@

12 Comments

  1. विजय कुमार सिंह 11/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/06/2016
  3. C.M. Sharma C.m. sharma(babbu) 11/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/06/2016
  4. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 11/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/06/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/06/2016

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