पागल दिल

आज दिल ने फिर उसे क्यों याद किया
पागल दिल को, फिर उसने हैरान किया।

मोहब्बत करके इसे कुछ नही मिला
फिर भी इस ने तुझे ही चुना।

गम हैं तो कुछ ,और दे दे इसको
दर्द में भी इसने, तेरा नाम लिया।

हाल-ए-दिल तुम ने ना जाना
था तुम्‍हारा ,फिर क्यो इसे तोड डाला

फिर ना करना मोहब्बत ऐ दिल
अब तो खुदा ने भी पुछा, ऐ अभि मुझ से मिल।
-अभि शर्मा

7 Comments

  1. babucm C.m. sharma(babbu) 10/06/2016
  2. योगेश कुमार 'पवित्रम' 11/06/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/06/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/06/2016

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