सहारा ना था

वक़्त को क्यो फक़्त इतना गवारा ना था
जिसको भी अपना समझा, हमारा ना था||

सोचा की तुम्हे देखकर आज ठहर जाए
ना चाह कर भी भटका पर, आवारा ना था||

धार ने बहा कर हमे परदेश लाके छोड़ा
जिसे मंज़िल कह सके ऐसा, किनारा ना था||

दुआए देती थी झोली भरने की जो बुढ़िया
खुद उसकी झोली मे कोई, सितारा ना था ||

सारी जिंदगी सहारा देकर लोगो को उठाया
उसका भी बुढ़ापे मे कोई, सहारा ना था ||

12 Comments

  1. babucm C.m. sharma(babbu) 10/06/2016
    • shivdutt 13/06/2016
  2. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 11/06/2016
    • shivdutt 13/06/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/06/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/06/2016
    • shivdutt 13/06/2016
  5. विजय कुमार सिंह 13/06/2016
    • shivdutt 13/06/2016

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