कहाँ चला गया तू?

अभी तक तो तूने दुनिया को जाना भी न था,
अभी तक तो तूने मुझे देखा भी न था,
अभी तक तो तूने मेरी ऊँगली पकड़ी भी न थी,
अभी तक तो तूने मेरा दूध पिया भी न था,
अभी तक तो तूने अपने नन्हे कदम ज़मीन पर रखे भी न थे,
अभी तक यो तूने मुझे माँ करके पुकारा भी न था,
अभी तक तो तूने अपनी आँखों से सपने देखे भी न थे,
की तू चला गया कही दूर उस दुनिया में जहाँ से तू आया था,
क्यों चला गया तू इस माँ को छोड़ के जिसने तुझे नौ महीने अपने कोख में मैफूस रखा,
जिसने बहुत दर्द सहा तुझे जनम देने के लिए,
जिसने बहुत से सपने देखे थे तेरे लिए ,
जिसने बहुत सारा प्यार संजोक के रखा था तेरे लिए,
क्यों चला गया तू बता मुझे ,
मेरा कसूर क्या था बता मुझे ….

–विनया पणिकर

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/06/2016
    • Vinaya Panicker 15/06/2016
  2. विजय कुमार सिंह 10/06/2016
  3. C.M. Sharma C.m. sharma(babbu) 10/06/2016
    • Vinaya Panicker 15/06/2016

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