चाहत……

प्यार के गीत सुनाओ के रात बाकी है अभी….
दिल पे तीर और चलाओ के रात बाकी है अभी…

कहो रकीब से जा के उसे क्या है जल्दी पड़ी…
मय्यत मेरी न सजाओ के सांस बाकी है अभी….

तेरे ही हुस्न के सदके है जिस्म में नूर मेरे….
चश्में साकी से पिलाओ के ताब बाकी है अभी…

न कहें तुमसे तो फिर हाल-ऐ-दिल कहें किस से…
न सही प्यार दर्द का रिश्ता तो बाकी है अभी….

महफ़िल से यूं उठा के कहाँ लिए जाते हो तुम मुझको…
जाम नज़रों के और पीने दो के होश बाकी है अभी…

तब्बसुम शबनमी होठों का मिले तो कुछ सुकून मिले “चन्दर”…
रूह आज़ाद हो ता उम्र की चाहत से दिल में दबी जो बाकी है अभी….
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/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/06/2016
    • C.M. Sharma C.m. sharma(babbu) 10/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/06/2016
    • C.M. Sharma C.m. sharma(babbu) 10/06/2016
  3. विजय कुमार सिंह 10/06/2016
    • C.M. Sharma C.m. sharma(babbu) 10/06/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/06/2016
    • C.M. Sharma C.msharma(babbu) 12/06/2016

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