निय्यत

हद हो गयी जमाने तेरी सरहद के बटवारे से आगे निय्यत निकलगयी ।
इन्सां बटगया धर्मो मे, फल फुल मेवे aur जानवर भी बांट गयी ।
बकरे, खजुर को मूस्लिम गाय, नारीयल को हिन्दु करगयी ।
हायटेक के दौर मे नियत ऐसी बदल गयी बुराई अच्छाई को कुचल गयी!!
(आशफाक खोपेकर)

4 Comments

  1. babucm babucm 10/06/2016
  2. shivdutt 10/06/2016
  3. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 12/06/2016
  4. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 26/07/2016

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