Adhura Sapna

हुस्न लाजवाब झुल्फे काली घटा सी छायी हुई।
परयों की शैजादी या हुर जैसे जन्नत से आयी हुई ।
नजरो से घायल करती नागीन सी बलखाती हुई ।
जां निछावर हर अदापर बेरुखी इस कद्र छाई हुई ।
बद नजरो से बचाने कीउन्हे कसम हम ने है खायी हुई ।
Tasveer unki दिल मे hamne apne है छुपाई हुई

7 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/06/2016
    • Ashfaque Khopekar 10/06/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/06/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/06/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/06/2016
  5. विजय कुमार सिंह 10/06/2016
  6. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 26/07/2016

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