नटखट चिड़िया

एक नटखट चिड़िया
मेरे आंगन आती
बीज बिखरे
फसलों के कुछ थोड़े
चुगते चुगते
गीत मधुर वह गाती।
एक नटखट चिड़िया
मेरे आंगन आती
सूरज की किरणों संग
सुरों की लगती बोली
हर सुबह मुझे जगाती
खिल उठता तन मन
जब वह चहचहाती
एक नटखट चिड़िया
मेरे आंगन आती॥

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/06/2016
  2. babucm babucm 10/06/2016

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