कल का जल

कल का जल
जल ही जीवन जल सा जीवन जल्दी ही जल जाओगे।
अगर न बची जल की बूंदें कैसे प्यास बुझाओगे।
नाती पोते खड़े रहेंगे जल राशन की कतारों में।
पानी पर से बिछेंगी लाशें लाखों और हज़ारों में।
रिश्ते नाते पीछे होंगे जल की होगी मारामारी।
रुपयों में भी जल न मिलेगा जल की होगी पहरेदारी।
हनन करेंगे शक्तिशाली नदियों के अधिकारों का।
सारे जल पर कब्ज़ा होगा बाहुबली मक्कारों का।

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  1. विजय कुमार सिंह 09/06/2016

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