जीने की वजह…………..

तुम्हारी नजरो में जो तस्वीर उभर कर आती है
उस तस्वीर में मुझे सूरत अपनी नजर आती है
यदा कदा जब जब भी आते हो मेरे सामने तुम
मुझे हर बार जीने की एक नयी वजह मिल जाती है !!
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डी. के. निवातियाँ _________@

10 Comments

  1. mani mani 09/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/06/2016
  3. विजय कुमार सिंह 09/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/06/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/06/2016
  5. babucm babucm 10/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/06/2016

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