मायूस

खौफ़ अब कब्र का न सुनाओ तो अच्छा है
बच्चा अपने गर्भ का न गिराओ तो अच्छा है ।
गुनाह तुम यूॅ अब नहीं करना मायूस बनकर
सर अपना षर्म से न झुकाओ तो अच्छा है ।
उसूलों की बात को अब यूॅ समझकर करना
जिंदगी को गर्त में न ले जाओ तो अच्छा है ।
अपनी बात हो बुलन्द तो फिर क्या कहना
यराना को अब नर्क न बनाओ तो अच्छा हैं ।
मजहब के नाम अब तोहमत लगाना छोड़ दो
जाती धर्म का फर्क न दिखाओ तो अच्छा है ।
ना समझ लोगो को बेखौफ गुनाह करने दो
पनाह देकर खुदगर्ज न बनाओ तो अच्छा है ।
इष्क मुहब्बत प्यार इस तरह बहुत देखे मैंने
दिल देकर दिल में दर्द न दिलाओ तो अच्छा है ।

बी पी षर्मा बिन्दु

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/06/2016
  2. babucm babucm 09/06/2016

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