ये भगवा ही तो है पहचान हमारी

वेदों का विलक्षण विचार है ये,
पुराणों के पवित्रता की पराकाष्ठा है ये,
उपनिषदों की उदारता का उदाहरण है ये,
और गीता का गौरवशाली ज्ञान है ये,
ये भगवा ही तो है पहचान हमारी…

मर्यादा परुषोत्तम श्रीराम की मर्यादा का मर्म है ये,
श्रीकृष्ण के कर्म और सांख्य का सार है ये,
चक्रव्यूह को चीरते अभिमन्यु का अप्रतिम वीरत्व है ये,
और वीर पार्थ की प्रत्यंचा का सरसन्धान है ये,
ये भगवा ही तो है पहचान हमारी…

माँ सीता के सतीत्व का साक्षात्कार है ये,
द्रोपदी के अटूट विश्वास का विजयगान है ये,
रानी पद्मिनी के जौहर की आग है ये,
और लक्ष्मीबाई के अंतिम लहबुंद की ललकार है ये,
ये भगवा ही तो है पहचान हमारी…

कालरात्रि के खड़ग की भीषणता है ये,
महाकाल के तांडव की टंकार है ये,
भवानी तलवार की रक्तांजलि की प्यास है ये,
और पाञ्चजन्य की प्रलयकारी पड़कार है ये,
ये भगवा ही तो है पहचान हमारी…

शिव छत्रपति के हिन्दू स्वराज का सपना है ये,
प्रताप के अतुल्य बलिदानो का प्रमाण है ये,
सावरकर के हिंदुत्व की परिकल्पना है ये,
और डॉक्टरजी के जीवनसंघर्ष का साक्षी है ये,
ये भगवा ही तो है पहचान हमारी…

– निसर्ग भट्ट

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