बहारे – शिशिर मधुकर

क्या करें तुझ से गिला कि तूने हमें पहचाना नहीँ
लाख कोशिश करी मेरे दर्द को तूने जाना ही नहीँ
कुछ कट चुकी है और बाकी उम्र भी कट जाएगी
उजड़े हुए गुलशन में जाने अब कैसे बहारे आएंगी.

शिशिर मधुकर

6 Comments

  1. babucm babucm 09/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/06/2016
  3. विजय कुमार सिंह 09/06/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/06/2016
  5. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 09/06/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/06/2016

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