मुक्तक

हल्की हवाएँ तूफ़ान हो गए,
शबनम बदलकर बरसात हो गए,
कभी लगते थे खुशगवार दिल को-
अब वो और वो पल दोनों ही नागवार हो गए…

2 Comments

  1. babucm babucm 08/06/2016

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